Semester 5 Second Language Courses for 2024-25 Batch

स्नातक पूर्व स्तरे तृतीय वर्षस्य  संस्कृत पठ्यपुस्तकस्य नाम ‘’ सारस्वती सुषमा ।II’’ अयं पुस्तकः पद्य , गद्य,  इति  विभागेन विभाजितःकक्षे सर्वे छात्रापठनंलेखनं,श्रवणं,वक्तव्यं(संभाषणम्) च करणीयम्छात्राः एतानि विषयाणि ज्ञात्वा पठिष्यन्ति चेत् परीक्षे उत्तीर्णः भवेयुःअधिक अङ्काण्यपि प्राप्नुवन्ति  I

   Course Summary                                                                                     ملخّص الدّورة

تمّ تصميم الدورة و إعدادها من قبل لجنة خبراء من الجامعة العثمانية و يتناول احتياجات الطلاب فيما يتعلق بدراسات اللغة العربية . وسوف يساعدهم على تعلم اللغة بدقّة من خلال عدسات القواعد .    



पाठ्यक्रम विवरण  

स्नातक स्तर के तृतीय वर्ष के द्वीतीय भाषा हिंदी के विद्यार्थियों के मन में हिंदी भाषा एवं साहित्य के प्रति अभिरुचि जागृत करने का प्रयास गद्य साहित्य की निबंध, कहानी, संस्मरण, जीवनी, यात्रा, एकांकी, व्यंग्य,  जनसंचार का अर्थ, जनसंचार का महत्व, जनसंचार की प्रमुख विशेषताएं, जनसंचार के प्रकार, दृश्य, श्रवण, मुद्रण, नव इलेक्ट्रॉनिक जनसंचार के माध्यम, जनसंचार के माध्यमों में लोककलाएँ आदि विविध विधाओं के  किया गया है      

      आरम्भ में हिंदी की गद्य विकास यात्रा, हिंदी साहित्य के महान लेखक तथा उनकी साहित्यिक विशेषताओं पर प्रकाश डालती है I विद्यार्थियों में समस्त कार्यों के प्रति उत्साह जाग्रत करने, उनमें नैतिक गुणों का विकास करने, उन्हें भारतीय संस्कृति की महत्ता से प्रेरित करने तथा देश और पर्यावरण सुरक्षा के प्रति सचेत करने की दृष्टि से इसमें महत्वपूर्ण निबंधों को चयनित किया गया है I


 CourseSummary: स्नातक पूर्व स्तरे तृतीय   वर्षस्य   द्वितीय भाषा संस्कृतम् अस्ति अस्मिन् संस्कृत भाषा , संस्कृत साहित्यम् वैदिकसाहित्यम्लौकिकसाहित्यम्पद्यगद्यरूपकव्याकरणादयः ज्ञातुं शक्नुवन्ते I अपि  संस्कृत पठनम्लेखनम्संभाषणम्  कवि -काल विशेषादयः ज्ञायन्ते I संस्कृतभाषायाः सर्वव्यापकत्वंअधुनातन काले कृत्रिम मस्तिष्केषु (कम्प्यूटर् यन्त्रेषु) तस्याः प्रयोगम् -प्रयोजनादीनि विषदयन्ति I अनुवादाभ्यासर्थं संस्कृतभाषा अति सुलभ भाषा भवति  I संस्कृत भाषा माध्यमेन संस्कृतिसंस्कारंभारतीय आचार व्यवहाराण इत्यादिरपिज्ञास्नातक पूर्व स्तरे तृतीय वर्षस्य संस्कृत पठ्यपुस्तकस्य नाम ‘’ सारस्वती सुषमा II’’ अयं पुस्तकः पद्य , गद्य, व्याकरणम् इति त्रीणि विभागेन विभाजितःकक्षे सर्वे छात्रापठनंलेखनं,श्रवणं,वक्तव्यं(संभाषणम्) च करणीयम्छात्राः एतानि विषयाणि ज्ञात्वा पठिष्यन्ति चेत् परीक्षे उत्तीर्णः भवेयुःअधिक अङ्काण्यपि प्राप्नुवन्ति  I