Sixth semester SL courses

The course has been designed and prepared by an expert panel of Osmania University. It addresses  the needs of the students regarding the studies of Arabic language. It will help them to learn the language accurately through the lens of grammar.

The course has five units. 1) Classical Prose : In this unit there are two chapters from the Holy Qur’an. 2) Modern Prose : It has 2 lessons. 3) Modern Poetry : It has 2 poems. 4) Grammar : It has 4 chapters in grammar. 5) Arabic History : It has 3 chapters from the history of Arabic literature.   


Course Description:

स्नातक पूर्व स्तरे तृतीय वर्षस्य   द्वितीय भाषा संस्कृतम् अस्ति I अस्मिन् संस्कृत भाषा , संस्कृत साहित्यम् वैदिकसाहित्यम्लौकिकसाहित्यम्पद्यगद्यरूपकव्याकरणादयः ज्ञातुं शक्नुवन्ते I अपि  संस्कृत पठनम्लेखनम्संभाषणम्  कवि -काल विशेषादयः ज्ञायन्ते I संस्कृतभाषायाः सर्वव्यापकत्वंअधुनातन काले कृत्रिम मस्तिष्केषु (कम्प्यूटर् यन्त्रेषु) तस्याः प्रयोगम् -प्रयोजनादीनि विषदयन्ति I अनुवादाभ्यासर्थं संस्कृतभाषा अति सुलभ भाषा भवति  I संस्कृत भाषा माध्यमेन संस्कृतिसंस्कारंभारतीय आचार व्यवहाराण इत्यादिरपिज्ञातुं शक्नुवन्ते |       

पाठ्यक्रम विवरण:

स्नातक पूर्व स्तरे तृतीय वर्षस्य संस्कृत पठ्यपुस्तकस्य नाम ‘’ सारस्वती सुषमा Ill ’’ अयं पुस्तकः पद्य , गद्य, व्याकरणम् इति त्रीणि विभागेन विभाजितःकक्षे सर्वे छात्रापठनंलेखनं,श्रवणं,वक्तव्यं(संभाषणम्) च करणीयम्छात्राः एतानि विषयाणि ज्ञात्वा पठिष्यन्ति चेत् परीक्षे उत्तीर्णः भवेयुःअधिक अङ्काण्यपि प्राप्नुवन्ति  I

पाठ्यक्रम निष्कर्षः :-----

नूतनविषयावगाहण नूतनशब्दार्थाःव्याकरणज्ञानम् व्याकरणं प्रयुक्त नूतन वाक्यनिर्माणम् ,नूतन आलोचनाज्ञानम् नव्यसाहित्यनिर्माण पाठवं इत्यादिविषयक अवगाहणार्थं उपाद्यायाः उपयुक्त पाठ्यप्रणालिकटिप्पणी अपि ददाति।


2. पाठ्यक्रम विवरण

          स्नातक स्तर के तृतीय वर्ष के द्वीतीय भाषा हिंदी के विद्यार्थियों के मन में हिंदी भाषा एवं साहित्य के प्रति अभिरुचि जागृत करने का प्रयास प्रस्तुत पुस्तक (हिंदी साहित्य संगममें किया गया है I ‘हिंदी साहित्य संगम’ हिंदी गद्य विधाओं का प्रतिबिंब है I गद्य साहित्य में विविध प्रकार के तकनीकी विषयों को रखा गया हैजिसमें अनुवाद के सिद्धांतव्युत्पत्तिपरिभाषापत्रकारिताहिंदी साहित्य के विविध आयाम हिंदी में स्त्रीवादी साहित्यहिंदी में दलित साहित्यहिंदी में आदिवासी साहित्यहिंदी में अल्पसंख्यक साहित्य आदि विविध विधाओं के प्रसिद्ध साहित्यकारों की प्रतिभा के विविध रंगों से यह गद्य दर्पण सज्जित है I

      आरम्भ में हिंदी की गद्य विकास यात्रा, हिंदी साहित्य के महान लेखक तथा उनकी साहित्यिक विशेषताओं पर प्रकाश डालती है I विद्यार्थियों में समस्त कार्यों के प्रति उत्साह जाग्रत करने, उनमें नैतिक गुणों का विकास करने, उन्हें भारतीय संस्कृति की महत्ता से प्रेरित करने तथा देश और पर्यावरण सुरक्षा के प्रति सचेत करने की दृष्टि से इसमें महत्वपूर्ण निबंधों को चयनित किया गया है I

       मानवीय संवेदनाओं से ओत-प्रोत  कहानी तथा  संस्मरण हृदय को संस्पर्शित करते हैं I इसमें निहित यात्रा वृत्त भारत भूमि के प्राकृतिक सौन्दर्य से अभिभूत करता है I इसके अतिरिक्त एकांकी तथा व्यंग्यपूर्ण निबंध वर्तमान सामाजिक तथा राजनीतिक विसंगतियों पर प्रकाश डालते हैं I

      अध्ययन की सुविधा की दृष्टि से बोधपरक विषय, भाषा तथा शैलीगत सरलता का विशेष रूप से ध्यान रखा गया है I लेखक परिचय, कठिन शब्दार्थ,  पाठ संबंधित प्रश्न तथा हिंदी व्याकरण आदि विषयोपयोगी सामग्री से विद्यार्थी  निःसंदेह  लाभान्वित होंगे I यह  पाठ्यक्रम निःसंदेह हिंदी गद्य-विधाओं का दर्पण है I कोई भी भाषा सीखना  वैसे तो बहुत उपयोगी होता है । और किसी भी भाषा में संवाद कर पाना एक खास प्रतिभा   मानी जाती है ।  भविष्य में छात्र चाहे जिस किसी भी क्षेत्र में काम करें, अगर वे सही भाषा का प्रयोग जानते हैं तो उन्हें क्षेत्र में महान उपलब्धि प्राप्त कर सकता है । जो लोग कई भाषाएं जानते हैं उन्हें करियर में कहीं ज्यादा बेहतर मौके मिल सकते  हैं । भाषाओं को सुननेसीखने और बोलने के साथ साथ, अपनी खुद की भाषा की ओर भी  एक नया दृष्टिकोण  विकसित करते हैं ।


संस्कृतस्य उल्लिन्गनभवं आधुनिककाव्यनिसन्धाने अपि व्यापकं इति अवगन्तुं एव अस्मिन् विषयं स्वीकृतं I भारतस्य अनुसन्धान व्यावहारिक वयं सर्वे स्रव्य्मने चिन्ता  शकलानि एव अत्र परस्तुतं इति Iआधुनिक साहित्ये अपि संस्कृत भाषायाः व्यप्रितरीत्य अनुगमन्नेयं अलंकाराणां परिचयः च कवितायां उपयुज्यन्ते।  विजयसारधि विरचितं भारत भरती इति काव्यात् 20 श्लोकानि अत्र उल्लिखितम्I भारतस्य धार्मिक उत्तेजनं अस्मिन् भागेन लब्धुम् शक्यते पुनः भारतस्य श्रेष्ट अत्युन्न्तानाम् विशकलनेन छात्राः भारत पैतृकं अवगम्यते I